आपकी सेहत के लिए लाजवाब है बासा मछली जानीय बासा फिश के फायदे और नुकसान

By | April 24, 2021

यदि आप मांसाहारी हैं तो अपने आज तक कई प्रकार की मछलियां खाई होंगी । जो लोग मछली खाने के शौकीन होते हैं वह अलग-अलग किस्मों की मछलियां खाना पसंद करते हैं । लेकिन बहुत सी ऐसी मछलियां हैं जो हमें अपने आसपास की मछली मार्केट में नहीं मिलती हैं, क्योंकि यह मछलियां या तो बहुत महंगी होती हैं यह लोग इनको खाना पसंद नहीं करते हैं ।

इन मछलियों के बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी ही नहीं होती है । इसी तरह की एक मछली है जिसका नाम है बासा फिश

शायद आपने भी आज तक बासा फिश का नाम नहीं सुना होगा, क्योंकि यह मछली भारत में नहीं पाई जाती है । यह मछली मुख्य रूप से साउथईस्ट एशिया के देशों में पाई जाती है तथा वहां पर इस मछली की खेती भी की जाती है ।

बासा फिश बहुत ही स्वस्थ वर्धक तथा फायदेमंद मछली है जो मुख्य रूप से हमारे हृदय को स्वस्थ रखने में मददगार होती हैं । इस मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड, हाई क्वालिटी प्रोटीन तो मौजूद होते ही हैं साथ ही अन्य बहुत से पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं । इस लेख में हम बासा मछली के बारे में विस्तार से बात करेंगे ।

बासा मछली के बारे में सामान्य जानकारी

बासा फिश एक प्रकार की कैटफिश है जो मछलियों के पंगसिडे फैमिली से संबंध रखती हैं । बासा मछली का वैज्ञानिक नाम पंगासियस बोकोर्टी (Pangasius bocourti) है । संयुक्त राज्य अमेरिका में इस मछली को मुख्य रूप से बासा फिश या बोकोर्टी कह कर ही पुकारा जाता है ।

इस मछली के कुछ दूसरे नाम भी हैं तथा अलग-अलग जगहों पर इस मछली को अलग-अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि रिवर कॉबलर, वियतनामी कॉबलर, पंगेसियस या स्वाई ।

बासा मछली मूल रूप से साउथ ईस्ट एशिया की नदियों मेकॉन्ग तथा चाओफ्राया में पाई जाती है । इन नदियों के आसपास के लोग इस मछली की खेती करते हैं तथा इसको एक्सपोर्ट करते हैं । इस मछली की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बहुत अधिक डिमांड है ।

बासा फिश में मौजूद पोषक तत्व

बासा फिश एक सफेद फिश होती है तथा दूसरी मछलियों की तरह इसमें बहुत ज्यादा कैलोरी नहीं होती है । इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है तथा हाई क्वालिटी प्रोटीन भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, यही कारण है कि जो लोग ज्यादा मोटे होते हैं या ज्यादा वर्कआउट नहीं करते हैं उन्हें बासा मछली नुकसान नहीं पहुंचाती हैं । इस मछली से मोटापा भी नहीं बढ़ता है ।

लगभग 126 ग्राम बासा फिश में निम्न पोषक तत्व मौजूद होते हैं ।

  • कैलोरी (Calories): 158
  • प्रोटीन (Protein): 22.5 grams
  • फैट (Fat): 7 grams
  • सेचुरेटिड फैअ (Saturated fat): 2 grams
  • कोलेस्‍ट्रॉल (Cholesterol): 73 mg
  • कार्बोहाइड्रेट (Carbs): 0 grams
  • सोडियम (Sodium): 89 mg

इन सभी पोषक तत्वों के अलावा इसमें लगभग 5 ग्राम अनसैचुरेटेड फैट होता है जिसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड भी शामिल है । आपको पता होना चाहिए कि ओमेगा 3 फैटी एसिड हमारे शरीर तथा मस्तिष्क के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक आवश्यक होते हैं । हालांकि दूसरी मछलियों जैसे कि salmon तथा mackerel इत्यादि में बासा फिश की तुलना में ओमेगा 3 फैटी एसिड ज्यादा मात्रा में मौजूद होता है ।

बासा फिश के स्वास्थ्य लाभ

अब तक आपने बासा मछली के बारे में काफी कुछ जान लिया है । लेकिन इसके स्वास्थ्यवर्धक फायदों के बारे में जानना भी बेहद जरूरी है । जैसा हम आपको ऊपर बता चुके हैं कि यह मछली हाई क्वालिटी प्रोटीन से भरपूर होती है और इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत ही कम होती है इसलिए जो लोग वजन कम करने के लिए डाइटिंग कर रहे हैं उनको भी यह मछली काफी अच्छा फायदा पहुंचाती है । तो आइए जानते हैं इस मछली के स्वास्थ्यवर्धक फायदे ।

बासा मछली खाने से लंबी होती है आपकी उम्र

विभिन्न अध्ययनों में यह पाया गया है की बासा मछली या कोई भी अन्य मछली खाने से आपकी उम्र में इजाफा होता है । इसका कारण है बासा मछली में मौजूद हाई क्वालिटी प्रोटीन तथा ओमेगा 3 फैटी एसिड । एक अध्ययन में यह पाया गया है कि जिन लोगों ने मछलियों का अधिक सेवन किया था वे दूसरे लोगों की तुलना में 2 वर्ष ज्यादा जिय ।

यहां हम यह बात स्पष्ट कर देते हैं कि यह केवल एक अवलोकनात्मक अध्ययन है । इस अध्ययन के आंकड़े मौजूद नहीं हैं ।

बासा मछली हृदय के लिए लाभकारी

जो लोग मछली का अधिक सेवन करते हैं उनको हृदय से संबंधित कम समस्याएं पाई जाती हैं । इसका कारण है मछली में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड का मौजूद होना । ऑयली फिश में ओमेगा 3 फैटी एसिड बहुत अधिक मात्रा में होता है तथा पतली लंबी मछलियों में कोलेस्ट्रोल का स्तर काफी कम होता है जिससे हृदय की समस्याएं काफी हद तक कम हो जाती हैं ।

बासा फिश में मौजूद होता है हाई क्वालिटी प्रोटीन

बासा फिश में दूसरी मछलियों की तरह हाई क्वालिटी प्रोटीन काफी अधिक मात्रा में मौजूद होता है । प्रोटीन हमारे शरीर के विकास तथा ऊतकों की मरम्मत के लिए बहुत अधिक जरूरी होता है । इसके अलावा हमारे शरीर में बहुत से एंजाइम्स ऐसे होते हैं जो प्रोटीन की मदद से ही बनते हैं ।

बासा फिश में कैलोरी कम मात्रा में होती है

बासा फिश की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें कैलोरी दूसरी मछली की तुलना में बहुत कम मात्रा में होती है । यही कारण है कि इससे मोटे लोगों के द्वारा या जो लोग डाइटिंग कर रहे हैं उनके द्वारा भी खाया जा सकता है । 126 ग्राम मछली में लगभग 160 कैलोरी ऊर्जा होती है जो कि काफी हद तक सही है ।

क्या बाशा मछली का सेवन करना सुरक्षित है?

वैसे तो विभिन्न अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि किसी भी प्रकार की मछली को खाने से आपके शरीर में कुछ ना कुछ प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है । इसका मुख्य कारण यह है कि मछलियां नदियों या समुंद्र में पाई जाती हैं तथा अपने भोजन में इंडस्ट्रीज के द्वारा नदियों या समुद्र में छोड़े गए वेस्ट मटेरियल को अपने भोजन के रूप में ग्रहण करती हैं ।

इन वेस्ट मटेरियल में मरकरी तथा पॉलीक्लोरिनेटेड बायफिनायल हो सकता है । यह योगिक हमारे शरीर के लिए बेहद खतरनाक होते हैं तथा हमें कोई भी साइड इफेक्ट दे सकते हैं ।

लेकिन इन सबके बावजूद यदि यह माना जाए की मछलियां इंडस्ट्रीज के द्वारा छोड़े गए अपशिष्ट पदार्थों को नहीं ग्रहण करती हैं तो उनके बहुत से फायदे भी होते हैं जो हमने आपको ऊपर गिनाए हैं । एक अध्ययन में यह माना गया है की बाशा मछली मैं मौजूद विषैले तत्व दूसरे मछली की तुलना में काफी कम होते हैं ।

निष्कर्ष के तौर पर हम यही कहेंगे कि महीने में दो या तीन बार मछलियों का सेवन करना नुकसानदायक नहीं होता है । खास करके बासा फिश बाकी मछलियों से बहुत कम नुकसानदायक है तथा फायदों में बहुत ज्यादा फायदेमंद है ।

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