बालचतुर्भद्र (बालचातुर्भद्र) चूर्ण या सिरप के फायदे गुण उपयोग एवं साइड इफ़ेक्ट Balchaturbhadra Churna evam Syrup Uses & Benefits in Hindi

By | August 13, 2020

बालचतुर्भद्र (बालचातुर्भद्र) चूर्ण या सिरप क्या है? Balchaturbhadra Churna evam Syrup kya hai?

बालचतुर्भद्र चूर्ण या सिरप (Balchaturbhadra Churna evam Syrup) एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से बच्चों के रोगों में प्रयोग की जाती है । इस औषधि का सेवन करने से बच्चों के रोग जैसे बुखार, दस्त, खांसी एवं बच्चों में होने वाली उल्टी इत्यादि में बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

इसके अलावा बच्चों के पेट में दर्द या पेट में किसी प्रकार की गड़बड़ी जैसे खाना हजम ना होना या बच्चे का बार-बार दूध उलटना जैसी समस्याओं में भी लाभ मिलता है । इतना ही नहीं यह औषधि बच्चों को सामान्य सर्दी खांसी एवं सांस लेने में होने वाली परेशानी में भी फायदा पहुंचाती है ।

यह औषधि बच्चों की आम समस्याओं की बहुत ही प्रभावी होती है । इस औषधि को शिशुओं के लिए वरदान माना जाता है ।

आज के समय में यदि बच्चों को थोड़ी सी भी तकलीफ हो जाए तो माता-पिता तुरंत एमबीबीएस डॉक्टर के पास भागते हैं । लेकिन पुराने समय में आयुर्वेदिक चिकित्सक इन दवाइयों के माध्यम से ही बच्चों का उपचार बड़ी सरलता से कर दिया करते थे । यदि आयुर्वेद चिकित्सक को अच्छा अनुभव हो तो आज भी इन औषधियों के द्वारा बच्चों की सभी समस्याओं का समाधान बड़ी आसानी से किया जा सकता है ।

यदि हम बालचतुर्भद्र चूर्ण के नाम से बात करें तो इस औषधि के नाम में 3 शब्द आते हैं, बाल, चतुर एवं भद्र । बाल का अर्थ होता है बच्चे, चतुर का अर्थ है चार तथा भद्र का अर्थ होता है अच्छा ।

इस प्रकार इस औषधि का नाम यह बताता है कि इस औषधि में चार ऐसी जड़ी बूटियां मौजूद हैं जिनका किसी भी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है । यह चार जड़ी बूटियां होती हैं नागरमोथा, छोटी पीपल, अतीस एवं काकड़ा सिंगी । तो आइए अब हम इस औषधि के बारे में विस्तार से जानते हैं ।

बालचतुर्भद्र चूर्ण या सिरप के घटक द्रव्य Balchaturbhadra Churna evam Syrup ingredients in hindi

बालचतुर्भद्र चूर्ण में निम्न घटक होते हैं ।

  • नागरमोथा 
  • छोटी पीपल
  • अतीस
  • काकड़ासिंगी

बालचतुर्भद्र सिरप में इन सभी घटक द्रव्यो के अतिरिक्त चीनी अतिरिक्त घटक के रूप में मौजूद होती है ।

बालचतुर्भद्र चूर्ण को बनाने की विधि Balchaturbhadra Churna kaise banaye

बालचतुर्भद्र चूर्ण को बनाना बहुत ही आसान है । इस चूर्ण को बनाने के लिए ऊपर दी गयी सभी जड़ी बूटियों को पंसारी से ले आंये । इसके बाद इन सभी को धुप में अच्छी तरह सुखा कर कूट पीस लें एवं छान कर रख लें । बालचतुर्भद्र चूर्ण बनकर तैयार है ।

बालचतुर्भद्र चूर्ण या सिरप के आयुर्वेदिक गुण Balchaturbhadra Churna evam Syrup properties in hindi

वीर्य  ऊष्ण
दोष कर्म कफ एवं वायु दोष नाशक
धातु पर प्रभाव  रस एवं रक्त पर

बालचतुर्भद्र चूर्ण या सिरप के औषधीय गुण

बालचतुर्भद्र चूर्ण में निम्न ओषधिय गुण मोजूद होते हैं।

  • ज्वर हटानेवाल
  • GRAHI (कसैला)
  • antidiarrheal
  • Antiflatulent
  • कामिनटिव
  • antispasmodic
  • कासरोधक
  • mucolytic
  • जीवाणुरोधी
  • एंटी वाइरल
  • सूजनरोधी

बालचतुर्भद्र चूर्ण या सिरप के चिकित्सकिय संकेत Balchaturbhadra Churna evam Syrup Uses in hindi

बालचतुर्भद्र चूर्ण को निम्न रोगों एवं समस्याओं में सफलता पूर्वक प्रयोग किया जा सकता है।

  1. बुखार
  2. दस्त
  3. उल्टी
  4. खट्टी डकार
  5. पेट में गड़बड़ी या सूजन
  6. शिशु पेट और पेट में दर्द
  7. सामान्य जुकाम
  8. खांसी
  9. शुरुआती के दौरान होने वाली समस्याएं

बालचतुर्भद्र चूर्ण के फायदे एवं उपयोग Balchaturbhadra Churna evam Syrup Benefits in hindi

यह चूर्ण छोटे बच्चों के साथ साथ बड़ों को भी प्रयोग कराया जा सकता है, लेकिन छोटे बच्चों को यह चूर्ण मुख्य औषधि के रूप में प्रयोग कराया जाता है । इस चूर्ण के निम्न फायदे होते हैं ।

सामान्य जुखाम एवं बुखार में लाभकारी

यह चूर्ण बच्चों को होने वाले सामान्य सर्दी, जुकाम एवं बुखार में बहुत अच्छा फायदा पहुंचाता है । बच्चों में सामान्य सर्दी जुखाम एवं बुखार जीवाणु संक्रमण के कारण भी हो जाते हैं । बालचतुर्भद्र चूर्ण में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल एवं एंटीकोल्ड गुण मौजूद होते हैं । इसलिए यह सामान्य सर्दी एवं बुखार में लाभदायक होता है ।

श्वसन संक्रमण में लाभकारी

छोटे बच्चों को कभी कभी सामान्य सर्दी खांसी होने पर सांस लेने में दिक्कत हो जाती है तथा बच्चों की सास कभी बहुत तेज तो कभी बहुत धीमी हो जाती है । ऐसी स्थिति में बालचतुर्भद्र चूर्ण का सेवन करने से स्वसन तंत्र का संक्रमण दूर होता है, फेफड़ों को बल प्राप्त होता है तथा बच्चों को सांस लेने में आसानी हो जाती है ।

खांसी में लाभदायक बालचतुर्भद्र चूर्ण एवं सिरप

बच्चों को सुखी एवं गीली दोनों तरह की खांसी होती है । ज्यादातर मामलों में पहले ठंड या एलर्जी के कारण सूखी खांसी होती है बाद में बैक्टीरिया संक्रमण के कारण गीली खांसी भी हो जाती है, जिससे बच्चों की छाती एवं गले में कफ बनता है । छोटे बच्चों को कफ को निगलने या थूकने में बहुत समस्या होती है । ऐसी स्थिति में बालचतुर्भद्र चूर्ण या सिरप बहुत प्रभावी तरीके से कार्य करता है ।

यह चूर्ण पहले तो सर्दी को सही करता है तथा उसके बाद धीरे-धीरे खांसी को शांत करता है । गीली खांसी होने पर यह म्यूकोलाइटिक के रूप में कार्य करता है और बच्चों की छाती एवं गले में जमे हुए कब को दूर कर देता है ।

भूख बढ़ाने में लाभदायक बालचतुर्भद्र चूर्ण एवं सिरप

जिन बच्चों को भूख नहीं लगती है तथा जो बच्चे खाने से जी चुराते हैं और खाना देखकर या तो छुप जाते हैं या भाग जाते हैं ऐसे बच्चों के लिए बालचतुर्भद्र चूर्ण किसी वरदान से कम नहीं है । क्योंकि यह चूर्ण यकृत की कार्यप्रणाली को सुधारना है तथा भूख बढ़ाने में मदद करता है एवं पाचन तंत्र को बिल्कुल सही कर देता है । कुछ ही समय में बच्चों को भूख लगने लगती है उनकी खाने में रुचि भी पैदा हो जाती है ।

शिशुओं के पेट दर्द में लाभकारी बालचतुर्भद्र चूर्ण एवं सिरप

बालचतुर्भद्र चूर्ण एवं सिरप में एंटी स्पाजमोडिक गुण मौजूद होते हैं । यह पेट की मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है तथा पेट में होने वाली ऐठन को दूर कर देता है । यदि पेट में गैस बन रही हो तो यह दवा उसे भी शांत कर देती है । इस प्रकार पेट के सभी प्रकार के दर्द एवं ऐंठन में यह चूर्ण एवं सिरप बहुत अधिक लाभदायक होता है ।

दस्त में लाभकारी बालचतुर्भद्र चूर्ण एवं सिरप

इस औषधी में दस्त को दूर करने के गुण मौजूद होते हैं । जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि बालचतुर्भद्र चूर्ण एवं सिरप में जीवाणुरोधी एवं ज्वर्नाशक गुण मौजूद होते हैं, जिस कारण या चूर्ण दस्त की आवृत्ति को कम करता है तथा मल के संक्रमण को भी दूर कर देता है ।

खुराक एवं मात्रा प्रयोग विधि

रोगी के आयु, स्वास्थ्य की स्थिति और शरीर के वजन के अनुसार बालचतुर्भद्र चूर्ण की खुराक अलग-अलग हो सकती है। बालचतुर्भद्र चूर्ण की सामान्य खुराक नीचे दी गई है:

शिशुओं और बच्चों 16 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम शरीर का वजन
वयस्क 1000 मिग्रा
अधिकतम संभव खुराक प्रति दिन 2 ग्राम (विभाजित खुराकों में)

शिशुओं और बच्चों में सबसे सुरक्षित खुराक 16 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम वजन है। गंभीर मामलों में, इसकी खुराक को 24 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम शरीर के वजन तक बढ़ाया जा सकता है। वयस्कों में, प्रतिदिन दो बार 1 ग्राम एक इष्टतम खुराक है। हालांकि, गंभीर मामलों में इसे रोजाना 2 ग्राम तक बढ़ाया जा सकता है। अतिरिक्त खुराक से जलन, गैस्ट्र्रिटिस और अम्लता हो सकती है।

लेने के लिए कैसे करें?

मुझे कितनी बार लेना चाहिए? दिन में 2 बार
मुझे कब लेना चाहिए? भूख या उल्टी के नुकसान के मामलों में, इसे स्तनपान से पहले या भोजन से पहले दिया जाना चाहिए। खराब पाचन, पेट के भारीपन और आंतों की गैस के मामलों में, इसे स्तनपान के बाद या भोजन के बाद दिया जाना चाहिए।
सहायक स्तनकंद या शहद

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

समान्यत इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं है । यह पूर्ण रूप से सुरक्षित दवा है । लेकिन यदि रोगी को पित्त की समस्या हो तो निम्न दुष्प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं

  • gastritis
  • एसिडिटी
  • उदर में जलन

मतभेद Contradictions

Balchaturbhadra Churna का उपयोग निम्नलिखित स्वास्थ्य स्थितियों में नहीं किया जाना चाहिए:

  • कब्ज या कठोर मल
  • हाइपरएसिडिटी, हार्टबर्न
  • gastritis
  • अल्सर

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