बबुलारिष्ट के फायदे उपयोग साइड इफ़ेक्ट एवं मूल्य Babularishta (Babularishtam) Uses Benefits Side Effects & Price in hindi

By | August 14, 2020

बबुलारिष्ट क्या है? What is Babularishta (Babularishtam)?

बबुलारिष्ट (Babularishta (Babularishtam)) एक आयुर्वेदिक क्लासिकल औषधि है जो मुख्य रूप से खांसी, दमा-श्वास, ट्यूबरक्लोसिस (टीबी), थायसीस, रक्तपित्त, पेशाब के रोगों एवं खून की खराबी जैसी समस्याओं में बहुत अच्छा लाभ पहुंचाती है । इस दवा को आयुर्वेद की प्रसिद्द आसव आरिष्ट विधि से तैयार किया जाता है । इसमें 5% से 10% तक सेल्फ जनरेटेड अल्कोहल होता है ।

इस औषधि का उपयोग श्वसन तंत्र से संबंधित समस्याओं में भी किया जाता है जैसे सांस लेने में तकलीफ होना, सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आना, सीने में जकड़न, लगातार खांसी जैसी समस्याओं में इस औषधि का प्रयोग करने से लाभ मिलता है ।

जिन लोगों के फेफड़ों में चोट लगी हो उनको भी इस औषधि का सेवन करने से लाभ मिलता है । यह दवा साधारण खांसी एवं काली खांसी दोनों में ही लाभ पहुंचाती है ।

बबुलारिष्ट के घटक द्रव्य Babularishta (Babularishtam) ingredients in hindi

  • बबूल की छाल
  • गुड़
  • धाय के फूल
  • पिपल
  • जायफल
  • लौंग
  • कंकोल
  • बड़ी इलायची
  • दालचीनी
  • तेजपात
  • नागकेशर
  • काली मिर्च

बबुलारिष्ट के औषधीय गुण धर्म Babularishta (Babularishtam) properties in hindi

बबूलारिष्ट में निम्न ओषधिय गुण मोजूद होते हैं

  1. कफ़-पित्त नाशक
  2. रक्तशोधक
  3. Antitussive
  4. Anti-inflammatory
  5. Styptic
  6. पाचक

बबुलारिष्ट के चिकित्सकिय संकेत Babularishta (Babularishtam) Uses in hindi

  1. खांसी, दमा-श्वास
  2. ट्यूबरक्लोसिस (टीबी)
  3. थायसीस
  4. रक्तपित्त
  5. पेशाब के रोग
  6. खून की खराबी
  7. श्वसन तंत्र की समस्या

बबुलारिष्ट के उपयोग एवं फायदे Babularishta (Babularishtam) benefits in hindi

  • बबूल अरिष्ट का मुख्य उपयोग खांसी के दौरे या लगातार खांसी आने की समस्या में किया जाता है ।
  • यह औषधि फेफड़ों के संक्रमण एवं फेफड़ों में लगी हुई चोट को दूर करने में प्रयोग की जाती है ।
  • फेफड़ों से संबंधित समस्याओं में इस औषधि के साथ प्रवाल पिष्टी एवं सितोपलादि चूर्ण को सहायक औषधियों के रूप में प्रयोग किया जा सकता है ।
  • चिकित्सकों के द्वारा इस औषधि को अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, टीबी, थाईसीस मूत्र रोग एवं रक्त विकार में प्रयोग किया जाता है ।
  • जिन रोगियों को टीवी वाली खांसी में कफ के साथ रक्त निकलता है एवं बहुत अधिक कमजोरी एवं बुखार महसूस होता है तथा भूख भी ना लगती हो उस स्थिति में इस औषधि का प्रयोग बहुत अधिक लाभदायक होता है ।
  • पेशाब में होने वाली जलन,।नाक व मुंह से खून आना, रक्तपित्त, फोड़े फुंसी एवं अन्य त्वचा रोगों में यह औषधि लाभ पहुंचाती है ।

मात्रा एवं सेवन विधि

15 से 30ML तक बराबर मात्रा में पानी मिक्स कर खाना के बाद सुबह शाम लेना चाहिय या फिर आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह के अनुसार इसका डोज़ लेना चाहिए । यह ऑलमोस्ट सेफ़ दवा होती है जिसे बच्चे-बड़े सभी यूज़ कर सकते हैं । बैद्यनाथ के 450ML की क़ीमत 126 रुपया है.

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

  • सामान्यतः इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं है ।
  • इस औषधि का किसी अन्य दवाई या किसी अन्य रोग में कोई मतभेद नहीं है ।
  • गर्भावस्था एवं स्तनपान कराने वाली माताओं एवं बहनों को इस औषधि को चिकित्सक के परामर्श अनुसार ही सेवन करना चाहिए ।

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