अविपति चूर्णम के फायदे और नुक्सान Avipathi Choornam ke fayde or nuksaan

By | June 1, 2020

अविपति चूर्णं क्या है? Avipathi Choornam kya hai?

 kअविपति चूर्णम एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका उपयोग मुख्य रूप से पित्त रोगों में किया जाता है । यह औषधि पित्त को संतुलित करती है तथा शरीर में पित्त को बढ़ने से रोकती है एवं पित्त के कारण उत्पन्न होने वाले रोगों एवं समस्याओं को दूर करती है ।

पित्त की अधिकता हो जाने पर खट्टी डकार आना, छाती में जलन होना, पेट में गैस बनना एवं दर्द होना, मुंह में छाले हो जाना, बार-बार खट्टी डकार आना एवं बहुत ज्यादा पसीना आना जैसी समस्याएं हो जाती हैं ।

इन सभी समस्याओं में अभी पति चूर्णम बहुत ही अच्छा फायदा पहुंचाती है । यह औषधि सहस्त्रयोगम नामक ग्रंथ के आधार पर बनाई गई है तथा यह औषधि मुख्य रूप से दक्षिण भारत में प्रयोग की जाती है । इस औषधि को केरला आयुर्वेद जैसी प्रसिद्ध कंपनी के द्वारा बनाया जाता है ।

अविपति चूर्णम के चूर्ण के घटक द्रव्य Avipathi Choornam ke ghatak dravy

Avipathi Choornam में निम्नलिखित सामग्रियां शामिल हैं:

सामग्री मात्रा
त्रिकटु जड़ी बूटी: 5%
सोंठ (सूखे अदरक) Zingiber Officinale 5%
काली मिर्च (पाइपर निगम) 5%
लम्बी काली मिर्च (Piper Longum) 5%
त्रिजटा जड़ी बूटी: 5%
दालचीनी (दालचीनी) – Cinnamomum Zeylanicum 5%
इलाची (हरी इलायची) – एलेटेरिया इलायची 5%
तेजपत्ता (इंडियन बे लीफ) – दालचीनी तमला 5%
अन्य जड़ी बूटी: 5%
मस्तक (नट ग्रास) – साइपरस रोटंडस 5%
विविडंग (झूठी काली मिर्च) – एम्बेलिया रिब्स 5%
आंवला ( अमलाकी या भारतीय आंवला ) – Emblica Officinalis 5%
निशोथ (टरपेथ) – ऑपेरकुलिना टुरपेथम 5%
मिश्री (क्रिस्टलीय चीनी) 50%
संदर्भ: सहस्त्रयोगम

अविपति चूर्णम के औषधीय गुण

इस औषधि को निम्नलिखित रोगों में उपचार के लिए सफलतापूर्वक प्रयोग किया जाता है ।

  • पित्तदोष
  • अल्सर
  • गैस्ट्राइटिस
  • हार्टबर्न
  • क्षुधावर्धक
  • एंटीऑक्सीडेंट

वैसे तो यह औषधि सभी प्रकार के पित्तदोषों में सफलतापूर्वक प्रयोग की जाती है, लेकिन यदि पित्तदोष आम के कारण हो तो यह औषधि ज्यादा अच्छा काम करती है । आम के कारण पैदा होने वाला पित्तदोष वह होता है जो भोजन के सही तरीके से हजम ना होने के कारण विषैले पदार्थों का रक्त में आ जाने के कारण होता है ।

इस स्थिति में रोगी में निम्न लक्षण दिखाई देते हैं ।।रोगी के मुंह से खट्टी खट्टी डकार आती हैं, मुंह से बदबू आती है, छाती में एवं गले में बहुत जल्द जलन होती है, शरीर में भारीपन महसूस होता है, भूख कम हो जाती है, कब्ज रहती है एवं मल में दुर्गंध आती है, सिर में दर्द रहता है, प्यास ज्यादा लगती हैं, चक्कर आते हैं एवं सिर चक्कर आता है ।

अविपति चूर्णम के फायदे Avipathi Choornam ke fayde

पेट की जलन में लाभकारी अविपति चूर्णम

इस औषधि का सेवन करने से पेट की जलन में आराम मिलता है । पेट में होने वाली जलन अम्ल पित्त की अधिकता के कारण होती है । अम्लपित्त के बढ़ जाने के कारण पेट में जलन होना, खट्टी खट्टी डकार आना, पेट में दर्द रहना जैसे समस्या पैदा हो जाती हैं ।

गैस्ट्राइटिस में लाभकारी अविपति चूर्णम

यह चूर्ण गैस्ट्राइटिस जैसे समस्या में बहुत अच्छा फायदा करता है । इस स्थिति में रोगी के पेट में बहुत ज्यादा गैस बनती है एवं ऐंठन वाला दर्द होता है । रोगी के मल में बहुत ज्यादा दुर्गंध आती है, रोगी के सिर में दर्द रहता है, शरीर में भारीपन रहता है, खाने में अरुचि हो जाती है ।

ऐसी स्थिति में इस चूर्ण को प्रवाल पिष्टी, गिलोय सत एवं यष्टिमधु चूर्ण के साथ सेवन करने से बहुत अच्छा फायदा मिलता है ।

मतली एवं उल्टी में लाभकारी अविपति चूर्णम

जब रोगी के शरीर में अम्ल पित्त की अधिकता हो जाती है तो यह अम्लपित्त अमाशय में अपना प्रभाव दिखाता है, जिस कारण रोगी के मुंह में खट्टा स्वाद बना रहता है । रोगी को खट्टी डकार आती हैं एवं कभी-कभी रोगी को मतली या उल्टी भी आती है । ऐसी स्थिति में अभी पति चूर्णम को कामदुधा रस के साथ सेवन कराने से लाभ मिलता है ।

कब्ज में लाभकारी अविपति चूर्णम

यदि रोगी को अम्ल पित्त की अधिकता के कारण कब्ज की स्थिति हो तो अभी पति चूर्ण का सेवन करने से लाभ मिल जाता है । लेकिन ध्यान रखें, यह चूर्ण कब्ज के लिए मुख्य ओषधि नहीं है । यह केवल तब फायदा करती है जब कब्ज अम्ल पित्त की अधिकता के कारण हो ।

इस स्थिति में रोगी का मल चिपचिपा हो जाता है एवं उसमें से बहुत ज्यादा दुर्गंध आती है । इस स्थिति में अभी पति चूर्ण को गर्म पानी के साथ लेने से लाभ मिलता है ।

वजन घटाने एवं मोटापे में लाभकारी अविपति चूर्णम

अभी पति चूर्णम में बहुत सी जड़ी बूटियां ऐसी होती है जो वजन घटाने में मददगार होती हैं । इसलिए इस औषधि का सेवन करने से वजन नियंत्रित रहता है । इस औषधि को वजन घटाने एवं मोटापा कम करने वाली औषधियों के साथ सहायक औषधि के रूप में प्रयोग किया जा सकता है

सेवन विधि एवं मात्रा Dosage & Directions

अविपति चूरनाम की सामान्य खुराक इस प्रकार है।
शिशुओं और बच्चों 25 से 50 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम शरीर का वजन, लेकिन खुराक 1.5 ग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए
वयस्क 3 ग्राम
जराचिकित्सा (60 वर्ष से ऊपर) 1 से 3 ग्राम
गर्भावस्था आम तौर पर अनुशंसित नहीं है
दुद्ध निकालना 1 से 3 ग्राम
अधिकतम संभव खुराक 9 ग्राम प्रति दिन (विभाजित खुराकों में)
* दिन में दो बार शहद के साथ
कब लें: भोजन के बाद

सावधानी एवं दुष्प्रभाव Precautions & Side Effects

  • सामान्यतः इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
  • निर्धारित मात्रा में इस औषधि का सेवन करने से कोई नुकसान नहीं होता है, लेकिन इस औषधि की अधिक मात्रा का सेवन करने से पेट गैस व पेट में ऐंठन की समस्या हो सकती है, एवं रोगी के पेट में बहुत ज्यादा दर्द भी हो सकता है ।

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