अरविंदासव सिरप के गुण उपयोग एवं फायदे Arvindasava Syrup uses and benefits in hindi

By | April 28, 2020

अरविंदासव सिरप  क्या है? Arvindasava Syrup in hindi

अरविंदासव सिरप (Arvindasava Syrup) एक आयुर्वेदिक एवं हर्बल औषधि है जो अरविंद अर्थात कमल के फूल से बनाई जाती है,  इसीलिए इस औषधि को अरविंदासव कहा जाता है । यह ओषधि शिशु एवं बच्चों के लिए एक टॉनिक के रूप में प्रयोग की जाती है तथा बच्चों में पाचन संबंधी समस्याओं के रूप में उन्हें दी जाती है ।

अरविंदासव बच्चों के अनेक रोगों को दूर करती है । बच्चों को हष्ट पुष्ट एवं निरोगी बनाती है, बच्चों की पाचन शक्ति को बढ़ाकर उनकी भूख सही करती हैं एवं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को भी सही रखती है । इस प्रकार हम कह सकते हैं कि अरविंदासव शिशु एवं बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक टोनिक का कार्य करती हैं ।

यद्यपि अरविंदासव का प्रयोग व्यस्क लोगों के कुछ रोगों में किया जाता है । लेकिन मुख्य रूप से यह दवा बच्चों के विभिन्न रोगों में ही प्रयोग की जाती है, जैसे कि बच्चों को बार बार खांसी हो जाना, कब्ज रहना, भूख ना लगना, दस्त होना एवं हड्डियों की कमजोरी जिस रिकेट्स कहा जाता है आदि के इलाज में यह दवा बहुत अच्छा कार्य करती है ।

अर्विन्दासव के घटक द्रव्य Arvindasava Syrup Ingredients in hindi

घटक द्रव्यों के नाम मात्रा
सफ़ेद कमल 48 ग्राम
खस 48 ग्राम
गंभारी की छाल 48 ग्राम
नील कमल 48 ग्राम
मजीठ 48 ग्राम
छोटी इलायची 48 ग्राम
खरेंटीमूल 48 ग्राम
जटामांसी 48 ग्राम
नागरमोथा 48 ग्राम
काली अनंतमूल 48 ग्राम
हरड़ 48 ग्राम
बहेड़ा 48 ग्राम
बच 48 ग्राम
आंवला 48 ग्राम
कचूर 48 ग्राम
काली निसोत 48 ग्राम
नील के बीज 48 ग्राम
पटोल पत्र 48 ग्राम
पित्तपापड़ा 48 ग्राम
अर्जुन की छाल 48 ग्राम
मुलेठी 48 ग्राम
महुआ के फूल 48 ग्राम
मुरा (ना मिले तो जटामांसी) 48 ग्राम
मुनक्का 960 ग्राम
धाय के फूल 770 ग्राम
शक्कर 4800 ग्राम
शहद 2400 ग्राम
जल लगभग 25 लीटर

निर्माण विधि Method of preparation

सबसे पहले मुनक्का, धाय के फूल, शक्कर एवं शहद को छोड़कर शेष सभी जड़ी-बूटियों को अच्छी तरह साफ करके कूट पीस लेते हैं तथा उनका चूर्ण तैयार कर लेते हैं । इसके पश्चात इस चूर्ण में बाकी जड़ी बूटियां अर्थात मुनक्का, धाय के फूल, शक्कर, शहद एवं ऊपर बताई गई मात्रा के अनुसार पानी को डालकर इस द्रव्य को किसी कांच के पात्र में भरकर 1 महीने के लिए रख देते हैं । 1 महीने के पश्चात इस द्रव्य को छानकर रख लेते हैं, अरविंदासव बनकर तैयार है ।

अरविंदासव सिरप के लाभ Arvindasava Syrup Uses in hindi

  • बच्चों के संपूर्ण विकास में लाभदायक ।
  • इसका सेवन करने से बालकों में कुपोषण दूर होता है ।
  • बच्चों की शारीरिक और मानसिक रुकावट में बाधाओं को दूर करता है ।
  • बच्चों के सूखा रोग (हड्डियों का टेढ़ा) होना मैं लाभकारी ।
  • बच्चों की हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में लाभकारी ।
  • बार-बार होने वाली खांसी में लाभकारी ।
  • अपच, पेट गैस एवं कब्ज में लाभकारी ।
  • भूख ना लगना की समस्या में लाभकारी ।
  • दस्त में लाभकारी ।
  • बच्चों की मानसिक समस्याओं में लाभकारी ।

हमारे देश में कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां बहुत ज्यादा गरीबी है, जिस कारण शिशुओं का संपूर्ण विकास नहीं हो पाता है, एवं बच्चे शारीरिक एवं मानसिक रूप से कुपोषित हो जाते हैं । जिससे बच्चों को अनेक रोग घेर लेते हैं जिनमें सूखा रोग रिकेट्स एक प्रमुख रूप माना जाता है ।

इसके अतिरिक्त बच्चों के लिवर पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ता है, इससे बच्चों को भूख नहीं लगती तथा उनका पाचन संस्थान बिगड़ जाता है । जिससे बच्चे कमजोर दिखाई देने लगते हैं । इस स्थिति में अरविंदासव देने पर बच्चों का संपूर्ण विकास होता है ।

बच्चों को खाया पीया लगता है तथा बच्चे हष्ट पुष्ट एवं स्वस्थ हो जाते हैं । इसलिए यदि बच्चों को किसी भी प्रकार की समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह पर अरविंदासव का प्रयोग अवश्य करना चाहिए

पुरुषों के सुजाक रोग में लाभकारी अरविंदासव Arvindasava Syrup benefits for men problems in hindi


जैसा कि हमने आपको पर बताया अरविंदासव शिशु के रोगों के अलावा कुछ अन्य रोगों में भी लाभ पहुंचाता है । सुजाक रोग में पुरुषों का पेशाब गाढ़ा हो जाता है तथा पेशाब करते समय पेशाब में जलन होती है एवं पेशाब के साथ-साथ पर मवाद भी आता है । जिससे व्यक्ति को बहुत ज्यादा दर्द भी होता है । इस स्थिति में अरविंदासव को चंदनासव के साथ देने पर लाभ मिलता है ।

महिलाओं की रक्त प्रदर में लाभकारी अर्विंदासव Arvindasava Syrup benefits for women problems in hindi


अरविंदासव का प्रयोग महिलाओं के रक्त प्रदर में भी किया जाता है । इसके लिए अरविंदासव को प्रवाल पिष्टी, मुक्ताशुक्ति पिष्टी, मोचरस, अशोक चूर्ण, अशोकारिष्ट एवं आमला चूर्ण के साथ प्रयोग कराया जा सकता है । अधिक जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क अवश्य करें ।

मात्रा एवं सेवन विधि Dosage and Directions

औषधीय मात्रा (Dosage)

बच्चे 1 चमच (5 मिलीलीटर)
वयस्क 2 से 4 चमच (10 से 20 मिलीलीटर)

सेवन विधि (Directions)

अरविन्दासव लेने का उचित समय (कब लें?) सुबह और रात्रि भोजन के बाद
अरविन्दासव को दिन में कितनी बार लें? 2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?) बराबर मात्रा गुनगुना पानी मिला कर
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) कम से कम 3 महीने या चिकित्सक की सलाह लें

दुष्प्रभाव Side Effects


सामान्यतः अरविंदासव का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है, लेकिन फिर भी आप इस औषधि को अपने डॉक्टर की सलाह एवं देखरेख में ही प्रयोग करें ।

यह आर्टिकल आपको कैसा लगा अपने विचार हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं धन्यवाद ।

 
 

 

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