अर्श कुठार रस के गुण उपयोग फायदे एवं नुकसान Arshkuthar Ras ke fayde or nuksan

By | June 21, 2020

अर्श कुठार रस क्या है? Arshkuthar Ras kya hai?

अर्श कुठार रस एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रयोग मुख्य रूप से बवासीर रोग में किया जाता है । बवासीर रोग दो प्रकार का होता है, सूखी बवासीर जिसे बादी बवासीर भी कहा जाता है एवं खूनी बवासीर ।

खूनी बवासीर में रोगी को मल के साथ रक्त भी आता है ।दोनों ही प्रकार की बवासीर में अर्श कुठार रस लाभदायक सिद्ध होती है । अर्शकुठार रस में पारा, गंधक, लोह भस्म, ताम्र भस्म सहित अन्य बहुत सी जड़ी बूटियां मौजूद होती हैं ।

यदि हम अर्श कुठार रस औषधि के नाम को देखें तो इस औषधि के नाम में दो शब्द है, अर्श एवं कुठार । अर्श का अर्थ होता है बवासीर तथा कुठार का अर्थ होता है प्रहार करना । इस प्रकार यह औषधि बवासीर के ऊपर प्रहार करने वाली या उसे नष्ट करने वाली औषधि मानी जाती है ।

पारा जिसे अंग्रेजी में मर्करी भी कहा जाता है को आयुर्वेद में रस कहा जाता है । वे सभी औषधियां जिनमें पारा मौजूद होता है उनके नाम के साथ रस लगाया जाता है, जैसे अर्श कुठार रस, बोल बद्ध रस, अग्निकुमार रस इत्यादि ।

अर्श कुठार रस इन हिंदी Arshkuthar Ras in hindi

बवासीर बहुत ही घातक रोग होता है इसमें रोगी को मल त्याग करते समय बहुत अधिक कष्ट होता है, क्योंकि रोगी के गुदाद्वार में जख्म हो जाते हैं तथा उनमें पस हो जाता है । गुदा के आसपास मस्से हो जाते हैं तथा इन में वायु भर जाती है और यह फूल जाते हैं ।

रोगी को इन मस्सों में सुई चुभने की तरह कष्ट होता है । रोगी से बैठा नहीं जाता, कभी-कभी इन मस्सों से खून भी आता है ।

बवासीर दो प्रकार की होती हैं बादी बवासीर एवं खूनी बवासीर । बादी बवासीर में रोगी को केवल मल त्याग करते समय कष्ट होता है, जबकि खूनी बवासीर में मल के साथ साथ रक्त भी आता है, जिससे रोगी बहुत ज्यादा कमजोर भी हो जाता है । इन दोनों ही प्रकार की बवासीर में अर्शकुठार रस अमृत की तरह फायदा करती है ।

यह औषधि बवासीर के मस्सों को सुखा देती है, जिससे इन मस्सो के कारण होने वाला कष्ट दूर हो जाता है । गुदा के जखम धीरे धीरे भर जाते हैं एवं रोगी ठीक होता चला जाता है ।

अर्शकुठार रस के साथ सहायक औषधियों के रूप में अर्शोघ्नी वटी एवं बोल बद्ध रस का सेवन कराने से बहुत ज्यादा लाभ मिलता है । इतना ही नहीं हमदर्द कंपनी का हम्दोरॉइड मरहम भी गुदा के अंदर लगाने से जल्दी लाभ मिलता है ।

अर्शकुठार रस के घटक द्रव्य Arshkuthar Ras ke ghatak dravy

  • शुद्ध पारा
  • शुद्ध गन्धक
  • लौह भस्म
  • अभ्रक भस्म
  • बेलगिरी
  • चित्रकमूल
  • कलिहारी
  • सोंठ
  • मिर्च
  • पीपल
  • पित्तपापड़ा
  • दन्तीमूल
  • सोहागे का फूला
  • जवाखार
  • सैंधानमक
  • थूहर

अर्शकुठार रस को बनाने की विधि Arshkuthar Ras kaise banaye

अर्श कुठार रस को बनाने के लिए सबसे पहले गंधक और पारे की कज्जली बनाई जाती है । इसके लिए गंधक एवं पारे को पत्थर के खरल में डालकर खूब अच्छी तरह पीसा जाता है जिससे पारे की चमक खत्म हो जाती है और यह मिश्रण काजल की तरह बिल्कुल काला हो जाता है । इसे ही कज्जली कहा जाता है ।

सेहुंड के दूध एवं गोमूत्र को कड़ाही में डालकर काफी देर तक गर्म किया जाता है, जिससे यह गरम होते होते गाढ़ा हो जाता है । इसके पश्चात इसे आंच से उतारकर रख लेते हैं तथा बाकी सभी जड़ी बूटियों को अच्छी तरह कूट पीसकर पकाए हुए पदार्थ में मिलाकर खूब अच्छी तरह दोबारा से खरल किया जाता है ।

खरल इतने समय तक किया जाता है ताकि यह मिश्रण गोली बनाने लायक हो जाए । इसके पश्चात 2-2 रत्ती की गोलियां बनाकर छाया में सुखा लेते हैं इसे ही अर्शकुठार रस कहा जाता है ।

अर्शकुठार रस के फायदे Arshkuthar Ras ke fayde in hindi

  1. अर्श कुठार रस बादी बवासीर एवं खूनी बवासीर दोनों में ही लाभदायक होती है । लेकिन यह औषधि बादी बवासीर में खूनी बवासीर की तुलना में ज्यादा लाभदायक होती है ।
  2. इस औषधि का सेवन करने से बवासीर के मस्से सूख जाते हैं तथा उनसे होने वाला दर्द भी खत्म हो जाता है ।
  3. यह औषधि पाचन तंत्र पर भी अपना सकारात्मक प्रभाव दिखाती है तथा कब्ज को दूर करती है ।
  4. अर्शकुठार रस को खूनी बवासीर में कांचनार गुग्गुल एवं आरोग्यवर्धिनी वटी के साथ सेवन कराने से लाभ मिलता है ।
  5. इसके लिए अर्शकुठार रस की दो गोली, कांचनार गुग्गुल की एक एक गोली तथा आरोग्यवर्धिनी वटी की एक गोली को सुबह शाम हल्के गुनगुने पानी यह गुलकंद के साथ दिया जाता है । साथ में दो चम्मच अभयारिष्ट पानी की बराबर मात्रा मिलाकर लेने से बहुत ज्यादा लाभ मिलता है ।

सेवन विधि एवं मात्रा

एक से दो गोली दिन में दो बार सुबह एवं शाम को भोजन के पश्चात गरम पानी, कुटजावलेह या गुलकंद के साथ ले सकते हैं । अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव

निर्धारित मात्रा में योग्य चिकित्सक की देखरेख में सेवन करने पर इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं लिखा गया है ।

कहाँ से खरीदें? Where to buy?

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