आरग्वधारिष्ट के गुण उपयोग फायदे एवं नुक्सान Aragwadharishtam uses and benefits in hindi

By | April 28, 2020

आरग्वधारिष्ट क्या है? Aragwadharishtam in hindi

आरग्वधारिष्ट (Aragwadharishtam) एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से विभिन्न त्वचा रोगों (skin diseases) में प्रयोग की जाती है । इस औषधि का सेवन करने से त्वचा से संबंधित बीमारियां जैसे सफेद दाग जिसे आम भाषा में फूलबहरी कहते हैं, एग्जिमा, दाद, स्केबीज एवं अल्सर आदि मैं बहुत अच्छा आराम मिलता है । इस औषधि में प्राकृतिक रूप से बनी शराब अर्थात सेल्फ जेनरेटेड अल्कोहल होता है, जिस कारण यह दवा शरीर में बहुत जल्दी अवशोषित हो जाती है एवं बहुत जल्दी लाभ पहुंचाती हैं ।

आरग्वधारिष्ट के घटक द्रव्य Aragwadharishtam Ingredients

  • आरग्वध (अमलतास)
  • वायविडंग
  • आमलकी (आमला)
  • हरीतकी
  • निशोथ
  • इलायची
  • लौंग
  • काली मिर्च
  • गुड़
  • शहद

आरग्वधारिष्ट के फायदे Aragwadharishtam uses in hindi

  • इस औषधि का सेवन करने से रक्त साफ होता है, जिससे त्वचा से कील मुंहासे आदि दूर होते हैं एवं त्वचा साफ हो जाती है ।
  • सफेद दाग, फूल बहरी एवं ल्यूकोडरमा में लाभकारी।
  • एग्जिमा एवं अल्सर में लाभकारी ।
  • पाचन संस्थान की गड़बड़ी में आंशिक रूप से लाभकारी ।
  • शरीर से विषाक्त पदार्थों को दूर करने के लिए लाभकारी ।

इस प्रकार हम कह सकते हैं वरिष्ठ एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से खून को साफ करती है एवं त्वचा संबंधी बीमारियों को दूर करने में लाभकारी है । इस दवा मैं हरड़ एवं आमला भी मौजूद होता है जिस कारण यह दवा पाचन संस्थान पर भी अपना सकारात्मक प्रभाव डालती है । इस दवा का सेवन करने से आंतों के कीड़े मर जाते हैं तथा त्वचा पर फोड़े फुंसियां तथा घाव में लाभ मिलता है । इसके अतिरिक्त बवासीर में भी इसके सकारात्मक प्रभाव देखे गए हैं ।

सेवन विधि एवं मात्रा

औषधीय मात्रा (Dosage)

वयस्क 15 से 30 मिलीलीटर
अधिकतम संभावित खुराक प्रति दिन 60 मिलीलीटर (विभाजित मात्रा में)

सेवन विधि (Directions)

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के तुरंत बाद लें
दिन में कितनी बार लें? दो बार
अनुपान (किस के साथ लें?) समान मात्रा में पानी के साथ लें
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

सावधानियां Precautions

  • इस औषधि को रोगी की उम्र एवं शारीरिक शक्ति के अनुसार ही सेवन करना चाहिए क्योंकि इस औषधि में प्राकृतिक शराब होती है ।
  • इस दवा का सेवन करने से पित्त बढ़ जाता है, इसलिए जिन लोगों को पहले से ही पित्त की समस्या हो उन्हें इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  • इस औषधि का सेवन करने के दौरान बाजार की तली भुनी चीजें एवं खताई का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  • अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें एवं डॉक्टर की सलाह के बिना इस औषधि का सेवन ना करें ।

दुष्प्रभाव Side Effects

सामान्यता इस दवा का कोई दुष्प्रभाव या साइड इफेक्ट नहीं है, लेकिन यदि आप इस दवा को अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो पेट में जलन, एसिडिटी आदि समस्याएं हो सकती हैं । इसलिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करें ।

इस औषधि का सेवन कब ना करें? When avoid this medicine?

  • गर्भावस्था एवं स्तनपान के दौरान इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इस ओषधि में 5 से 10 परसेंट प्राकृतिक शराब मौजूद होती है ।
  • इस ओषधि में गुड, शहद एवं द्राक्षा होता है इसलिए डायबिटीज के रोगियों को इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।

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