अमृतमेहरि चूर्णम के फायदे उपयोग एवं साइड इफ़ेक्ट Amritamehari Churnam Uses Benefits & Side Effects in hindi

By | August 13, 2020

अमृतमेहरि चूर्णम क्या है?
What is Amritamehari Churnam in hindi?

अमृतमेहरि चूर्णम एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से डायबिटीज अर्थात मधुमेह की समस्या को दूर करने के लिए प्रयोग किया जाता है । इस औषधि में anti-diabetic एवं एंटीहायपरग्लाइसीमिक गुण मौजूद होते हैं जिस कारण यह औषधि रक्त में मौजूद शर्करा के स्तर को सामान्य रखने में मददगार होती है ।

यह औषधि अग्नाशय से इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करती है जिससे मधुमेह की समस्या में आराम मिलता है । यह औषधि बैड कोलेस्ट्रॉल को भी दूर करती है ।

यदि हम अमृतमेहरि चूर्णम के घटक द्रव्यों की बात करें तो इस चूर्ण का प्रमुख घटक द्रव्य गुड़मार जड़ी बूटी होती है । गुड़मार जड़ी बूटी मुख्य रूप से मधुमेह की समस्या मैं ही लाभ पहुंचाती है ।

अमृतमेहरि चूर्णम के घटक द्रव्य Amritamehari Churnam ingredients in hindi

गिलोय (अमृता) – तिनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया 16.66%
गुरमार (गुड़मार या मेहरिमुला) – जिमनेमा सिल्वेस्ट्रे 50%
अमलाकी चूर्ण – Emblica Officinale 16.66%
हल्दी चूर्ण (हल्दी पाउडर) 16.66%

अमृत मेहरी चूर्ण के आयुर्वेदिक गुण Ayurvedic properties of Amritamehari Churnam in hindi

गुडमार अमृतमेहरि चूर्णम का मुख्य घटक है, जो मुख्य रूप से इसकी चिकित्सीय क्रियाओं को प्रदर्शित करता है। अन्य जड़ी बूटियों सहायक उपचार कार्य करती हैं। इसलिए, यह अधिक हो जाता है

रस (स्वाद) मुख्य रूप से KATU (तीखा), TIKTA (कड़वा)
VIRYA (क्षमता) मुख्य रूप से USHNA (हॉट)
VIPAKA (परिणामी) KATU (तीखा)
DOSHA KARMA (हास्य पर प्रभाव) कफ दोष और वात दोष को शांत करता है और पित्त दोष को शांत करता है
संगठन प्रभाव अग्न्याशय, आंत
मुख्य संकेत मधुमेह

अमृतमेहरि चूर्णम के औषधीय गुण Amritamehari Churnam medical properties in hindi

अमृतमेहरि चूर्णम निम्नलिखित औषधीय गुणों को प्रदर्शित करता है:

  1. मधुमेह
  2. Antihyperglycemic
  3. एंटीऑक्सीडेंट
  4. इंसुलिन सेंसिटाइज़र
  5. अग्न्याशय उत्तेजक

अमृतमेहरि चूर्णम के चिकित्सकीय संकेत Amritamehari Churnam Uses in hindi

मुख्य संकेत

यहाँ इसके मुख्य संकेतों की एक सूची दी गई है:

  1. पूर्व मधुमेह
  2. मधुमेह
  3. पॉल्यूरिया (अत्यधिक पेशाब) – यदि यह मधुमेह के कारण है
  4. ग्लाइकोसुरिया (मूत्र में अतिरिक्त चीनी)
  5. डिस्लिपिडेमिया और हाइपरलिपिडिमिया

अन्य संकेत

जाहिर है, इस सूत्रीकरण का मुख्य संकेत मधुमेह है, लेकिन यह अन्य स्वास्थ्य स्थितियों में भी फायदेमंद हो सकता है। सामग्री के आधार पर, अमृतमेहरि चूर्ण निम्नलिखित स्वास्थ्य स्थितियों में भी मदद कर सकता है:

  1. भूख में कमी
  2. कब्ज़
  3. पीलिया
  4. हृदय की कमजोरी

अमृतमेहरि चूर्णम के उपयोग एवं फायदे Amritamehari Churnam benefits in hindi

यह औषधि मुख्य रूप से अग्नाशय को प्रभावित करती है तथा अग्नाशय से इंसुलिन की सही मात्रा का उत्पादन कराने में मदद करती है । जिस कारण यह औषधि मधुमेह की समस्या में बहुत अधिक लाभदायक होती हैं ।

यह औषधि मूत्र में शर्करा के उत्सर्जन को कम करने में भी मददगार होती है । इसलिए इस औषधि को ग्लाइकोसुरिया के उपचार में भी सफलतापूर्वक प्रयोग किया जाता है । पोल्युरिया की स्थिति में इस औषधि को शिलाजीत एवं चंद्रप्रभा वटी के साथ सेवन कराया जा सकता है । डायबिटीज के रोग में इस औषधि के साथ सहायक ओषधि के रूप में वसंत कुसुमाकर रस, यशद भस्म एवं शिलाजीत का उपयोग करने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है ।

डिस्लिपिडेमिया एवं हाइपरलिपिडेमिया में लाभदायक

डिस्लिपिडेमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें रक्त में लिपिड की असामान्य मात्रा मौजूद होती है । जिस कारण रक्त में कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ जाती है एवं कम घनत्व वाले लिपॉप्रोटीन की अधिकता हो जाती है । यह चूर्ण इस स्थिति में बहुत अधिक लाभ दायक होता है । यह चूर्ण रक्त में मौजूद सीरम कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल एवं ट्राइग्लिसराइड के स्तर को भी कम करता है ।

मात्रा एवं सेवन विधि

बच्चे (5 से नीचे) 50 से 100 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम शरीर का वजन
बच्चे (5 से ऊपर) 1 से 3 ग्राम
वयस्क 3 से 6 ग्राम
अधिकतम संभव खुराक 18 ग्राम प्रति दिन (विभाजित खुराकों में)

लेने के लिए कैसे करें

मुझे कितनी बार लेना चाहिए? दिन में 2 से 3 बार
मुझे कब लेना चाहिए? भोजन से 30 मिनट पहले

दुष्प्रभाव एवं सावधानी

सामान्यतः इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं है । इस औषधि को गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही सेवन करना चाहिए ।

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