अजमोदादि चूर्ण के गुण उपयोग फायदे और नुकसान Ajmodadi Churna uses and benefits in hindi

By | June 3, 2020

अजमोदादि चूर्ण क्या है? What is ajmodadi churna in hindi

अजमोदादि चूर्ण एक आयुर्वेदिक औषधि है जो मुख्य रूप से वात एवं कफ रोगों में फायदा पहुंचाता है । अजमोदादि चूर्ण में अजमोद, विडंग, सेंधा नमक, चित्रक सहित 12 जड़ी बूटियां मौजूद होती हैं । यह सभी जड़ी बूटियां दर्द निवारक होती हैं तथा इनकी तासीर गर्म होती है । जिस कारण अजमोदादि चूर्ण का सेवन करने से यह औषधि शरीर के दर्द को खींच लेती है ।

आजकल लोगों का आहार विहार बहुत ज्यादा खराब हो गया है । लोग ना तो समय पर उठते हैं, ना समय पास सोते हैं और ना ही समय पर भोजन करते हैं । भोजन करने के तुरंत पश्चात गटागट ठंडा पानी पी लेते हैं ।

चाट पकौड़ी बर्गर चाऊमीन समोसे एवं छोले भटूरे जैसे गरिष्ठ भोजन का बहुत ज्यादा सेवन करते हैं, जिस कारण व्यक्ति को अपच की समस्या हो जाती है तथा भोजन पेट में हजम होने के बजाय सड़ने लगता है ।

अजमोदादी चूर्ण इन हिंदी Ajmodadi Churna in hindi

जब भोजन पेट में सड़ता है तो इस दूषित भोजन से विश पैदा होता है जिसे आमविष कहा जाता है । यह आम विश वायु के साथ मिलकर रक्त में जाता है, जिससे आमबात नामक रोग पैदा होता है । आमवात के कारण रोगी को पूरे शरीर में खासकर जोड़ों में एवं संधियों में बहुत ज्यादा दर्द होता है । रोगी के शरीर में कंधे से लेकर पैर की एड़ी तक दर्द की लहर दौड़ती है, जिसे साइटिका कहा जाता है ।

इसके अतिरिक्त हाथों पैरों के जोड़ों में दर्द रहता है एवं हाथों एवं पैरों की उंगलियां मुड़कर टेढ़ी हो जाती हैं । अजमोदादि चूर्ण इस आमवात का प्रबल शत्रु है एवं आमवात के कारण होने वाली सभी समस्याओं को नष्ट करके व्यक्ति को निरोगी बना देता है ।

इसलिए सबसे पहले तो आप अपने खानपान एवं आहार-विहार का ध्यान रखिए, क्योंकि सारी समस्याएं आपके आहार विहार और जीवनशैली पर निर्भर करती है ।

अजमोदादि चूर्ण के घटक द्रव्य Ajmodadi Churna ingredients in hindi

  • अजमोद Ajamoda (Fruit) 12 g
  • विडंग Vidanga (Fruit) 12 g
  • सेंधा नमक Saindhava lavana 12 g
  • देवदारु Devadaru (Ht. Wd.) 12 g
  • चित्रक Chitraka (Root) 12 g
  • पिप्पली मूल Pippali mula (Root) 12 g
  • शतपुष्पा Shatapushpa (Shatahva) (Fl.) 12 g
  • पिप्पली Pippali (Fruit) 12 g
  • मरिच Maricha (Fruit) 12 g
  • हरीतकी Pathya (Haritaki) (P.) 60 g
  • विधारा Vriddhadaruka Argyreia nervosa (Root) 120 g
  • सोंठ Nagara (shunthi) (Rz.) 120 g

अजमोदादि चूर्ण को बनाने की विधि How to prepare ajmodadi churna in hindi

अजमोदादि चूर्ण को बनाना बहुत ही आसान है तथा इस चूर्ण को आप अपने घर पर ही बड़ी आसानी से बना सकते हैं । इसके लिए सबसे पहले आप ऊपर बताई गई जड़ी बूटियों को पंसारी से ले आइए तथा इन्हें साफ करके धूप में सुखा दीजिए । तत्पश्चात इन सभी जड़ी बूटियों को कूट पीसकर इनका चूर्ण बना लें तथा कपड़छन करके इस चूर्ण को किसी पात्र में भरकर रख लें । इसे ही अजमोदादि चूर्ण कहते हैं ।

अजमोदादि चूर्ण के चिकित्सकीय उपयोग Ajmodadi Churna uses in hindi

अजमोदादि चूर्ण को निम्नलिखित रोगों के उपचार में सफलतापूर्वक उपयोग किया जाता है ।

  • जोड़ों का दर्द
  • पीठ का दर्द
  • कमर का दर्द
  • गुदा क्षेत्र का दर्द
  • पैरों एवं जांघों का दर्द
  • साइटिका का दर्द
  • आमवात के कारण पैदा होने वाला दर्द
  • वायु एवं कफ जनित रोग
  • नर्वस सिस्टम का दर्द
  • कृमि नाशक
  • पाचक एवं उत्तेजक

अजमोदादि चूर्ण के फायदे Ajmodadi Churna benefits in hindi

  • अजमोदादि चूर्ण आम दोष नाशक है तथा आम दोष के कारण पैदा होने वाले सभी प्रकार के दर्द जैसे कमर दर्द, पीठ दर्द, जोड़ों का दर्द, साइटिका का दर्द आदि में बहुत अधिक लाभकारी है ।
  • इस औषधि को दर्द निवारण के लिए प्रमुख औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है ।
  • यह पाचक, दीपक एवं उत्तेजक है ।
  • यह जठराग्नि को प्रदीप्त करता है, एवं भूख बढ़ाता है ।
  • विडंग युक्त होने के कारण यह कृमि नाशक है एवं पेट के कीड़ों को नष्ट करता है ।
  • अजमोदादि चूर्ण की तासीर गर्म है जिस कारण यह जनित रोगों मे लाभ पहुंचाती है ।

मात्रा एवं सेवन विधि Dosage & Directions

बच्चे 500 मिली ग्राम से 1 ग्राम दिन में दो बार
वयस्क 1 से 4 ग्राम दिन में तीन बार
अधिकतम संभावित खुराक प्रति दिन 12 ग्राम (विभाजित मात्रा में)

अजमोदादि चूर्ण कैसे लें?

दिन में कितनी बार लें? दिन में 2 से 3 बार
दवा लेने का उचित समय (कब लें?) भोजन के बाद
अनुपान (किस के साथ लें?) गुनगुने पानी के साथ।

सावधानियां एवं दुष्प्रभाव Precautions & Side Effects

सामान्यतः इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं है । लेकिन इस औषधि की तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए । यह औषधि पित्त वर्धक होती है, इसलिए पित्त प्रधान प्रकृति के लोगों को इस औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए । इस औषधि में नमक होता है इसलिए जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो उन्हें इस औषधि का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए । जिन लोगों का पित्त पहले से ही बड़ा हुआ होता है उन्हें इस औषधि का सेवन करने से निम्न समस्या हो सकती हैं ।

  • पेट में जलन
  • छाती में जलन
  • सिर चकराना

निर्माता

This medicine is manufactured by Patanjali Divya Pharmacy (Ajmodadi Churna), Vyas (Ajmodadi Churna), BACFO Pharmaceuticals (Ajmodadi Churna) and many other Ayurvedic pharmacies.
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