अहिफेनासव के गुण फायदे उपयोग एवं नुक्सान Ahiphenasava uses and benefits in hindi

By | April 26, 2020

अहिफेनासव क्या है? Ahiphenasava  in hindi

  • सन्दर्भ: Bhaishajya Ratnavali, Atisar Rogaadhikara
  • दवा का नाम: अहिफेनासव Ahiphenasava
  • उपलब्धता: यह ऑनलाइन और दुकानों में उपलब्ध है।
  • दवाई का प्रकार: हर्बल
  • मुख्य उपयोग: लूज़ मोशन
  • मुख्य गुण: दस्त रोकना
  • दोष इफ़ेक्ट: पित्त वर्धक
  • गर्भावस्था में प्रयोग: नहीं

अहिफेनासव एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका मुख्य उपयोग गंभीर अतिसार अर्थात दस्त को दूर करने में किया जाता है । यह दवा हैजा में बार-बार होने वाले पतले दस्त को कुछ ही समय में नियंत्रित कर देती है, जिससे रोगी को एक नया जीवन मिलता है ।

यदि हम इस औषधि के नाम को देखें तो हम देखते हैं कि इस औषधि का नाम 2 नामों से मिलकर बना होता है अहीफेन एवं आसव।  अहिफेन का अर्थ होता है अफीम । असीम इस औषधि का सबसे प्रमुख घटक द्रव्य होता है ।

अहिफें अर्थात अफीम को तेवर सोम्निफेरम नामक पौधे से प्राप्त किया जाता है । अफीम प्रकृति में कड़वा, कसैला, कब्ज करने वाला, काम उत्तेजना को बढ़ाने वाला, मादक एवं एंटीस्पेज्मोडिक होता है ।

अहिफेनासव के घटक द्रव्य Ahiphenasava Ingredients in hindi

घटक द्रव्य मात्रा
संशोधित मद्यसार 400 भाग
शुद्ध अहिफेन 16 भाग
नागरमोथा 4 भाग
इन्द्रयव 4 भाग
इलायची 4 भाग

अहिफेनासव बनाने की विधि Ahiphenasava preparation method

सबसे पहले शुद्ध मद्यसार अर्थात शराब में शुद्ध अहिफेन मिलकर मिश्रण को अच्छी तरह मिलाये । इस द्रव्य को अच्छी तरह हिलाए और फिर बाकी सभी जड़ी बूटिय भी मिलकर इस मिश्रण को 1 माह तक  रख दें । 1 माह बाद इस द्रव को छान कर रख लें अहिफेनासव बन कर तैयार है ।

अहिफेनासव के फायदे Ahiphenasava benefits in hindi

  • अहिफेनासव आंतों से संबंधित समस्याओं जैसे दस्त, गंभीर जठरांत्र शोथ तथा पेचिश में बहुत ही अच्छा कार्य करता है ।
  • यदि रोगी को बहुत ज्यादा दस्त हो रहे हो तथा दस्त में पानी आ रहा हो, पेट में दर्द हो, अकड़न हो, उल्टी हो तथा बुखार भी आ रहा हो तो ऐसी स्थिति में इस दवा का सेवन किया जा सकता है ।
  • यह दवा पाचन संस्थान पर अपना सकारात्मक प्रभाव डालती है ।
  • इस दवा का सेवन करने से आंतों की सूजन कम होती है ।

चिकित्सा के उपयोग Ahiphenasava uses in hindi

  • तीव्र दस्त Severe Diarrhoea
  • गैस्ट्रोएन्टराइटिस Severe gastroenteritis
  • पेचिश Dysentery
  • हैजा Cholera

सेवन विधि और मात्रा Dosage and Directions

औषधीय मात्रा (Dosage)

बच्चे(5 वर्ष की आयु से ऊपर) 1 से 3 बूँदें
वयस्क 3 से 10 बूँदें

सेवन विधि

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के तुरंत बाद लें
दिन में कितनी बार लें? दो या तीन बार
अनुपान (किस के साथ लें?) पानी के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

इस दवा की अधिक मात्रा लेने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं । इसलिए इस औषधि को केवल किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही सेवन करें ।

सावधानियां एवं नुक्सान Precations and side effects while using Ahiphenasava

  • इस दवा को किसी योग्य चिकित्सक की देखरेख में ही लेना चाहिए ।
  • इस दवा को लेते समय रोगी की उम्र एवं उसकी शारीरिक शक्ति का विशेष ध्यान रखना चाहिए ।
  • अधिक मात्रा में इस औषधि को कदापि नहीं लेना चाहिए ।
  • इस औषधि का सेवन करने से पित्त बढ़ जाता है इसलिए पित्त प्रधान प्रकृति के लोगों को इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  • इसका सेवन करने से पेट में जलन हो सकती है ।
  • अधिक मात्रा में लेने पर कब्ज हो सकती है, इसलिए जिन रोगियों को कब्ज की समस्या रहती हो इसे बिल्कुल भी ना लें ।
  • गुर्दे की बीमारियों वाले रोगियों को इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  • गर्भावस्था एवं स्तनपान के दौरान इस दवा  सेवन ना करें ।
  • इस दवा को अधिक मात्रा में सेवन करने से हाथों पैरों में जलन, मुंह में छाले तथा अल्सर की समस्या हो सकती है ।
  • यदि किसी भी प्रकार की समस्या हो तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें एवं दवा का इस्तेमाल करना तुरंत बंद कर दें ।

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