सारिवाद्यासव के फायदे और नुक्सान Sarivadyasava ke fayde or nuksaan

By | May 20, 2020

सारिवाद्यासव क्या है? Sarivadyasava kya hai?

सारिवाद्यासव एक आयुर्वेदिक एवं हर्बल औषधि है जो बाजार में वेदनाथ, डाबर एवं झंडू जैसी कंपनियों के द्वारा अवेलेबल है । यह पूर्णतया सुरक्षित एवं हर्बल औषधि है, जिसका किसी भी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव यह साइड इफेक्ट नहीं देखा गया है ।

यह औषधि त्वचा संबंधी रोगों में मुख्य रूप से प्रयोग की जाती है । जैसे दाद, खाज, खुजली, एक्जिमा इत्यादि । इसके अतिरिक्त यह औषधि पेशाब एवं किडनी से जुड़ी हुई बीमारियों में भी प्रयोग की जाती है । यह पेशाब की जलन, पेशाब मैं पीलापन होना आदि समस्याओं को दूर करती है साथ ही शरीर में से यूरिक एसिड, यूरिया क्रिएटिनिन एवं अन्य विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकाल रक्तशोधक की तरह कार्य करती है ।

जिस कारण यह त्वचा रोगों के लिए बहुत ही उत्तम औषधि मानी जाती है । यह औषधि गठिया रोगों में भी बहुत ही अच्छा फायदा करती है । इसका कारण यह है कि यह रक्त में से यूरिया एवं यूरिक एसिड को निकाल देती है जो गठिया का सबसे प्रमुख कारण है ।

यदि हम इस औषधि के नाम की बात करें तो हम देखते हैं कि इस औषधि का प्रमुख घटक द्रव्य सारीवा होता है जो कि एक जड़ी बूटी है तथा इसे संस्कृत में अनंत मूल भी कहा जाता है । यह आयुर्वेद में आसव अरिष्ट विधि से बनाई जाती है तथा इसमें 5% से 10% तक सेल्फ जेनरेटेड अल्कोहल भी होता है । इसीलिए यह शरीर में एकदम अवशोषित हो जाती है तथा अपना कार्य तुरंत शुरू कर देती है ।

सारिवाद्यासव के घटक द्रव्य Sarivadyasava ke ghatak dravy

  • Sariva (Shveta Sariva) श्वेत सारिवा Hemidesmus indicus Rt. 192 g
  • Mustaka (Musta) मोथा Cyperus rotundus Rz. 192 g
  • Lodhra लोध्र Symplocos racemosa St. Bk. 192 g
  • Nyagrodha बरगद Ficus bengalensis St. Bk. 192 g
  • Pippala (Ashvattha) पीपल Ficus religiosa Fr. 192 g
  • Shati शाठी Hedychium spicatum Rz. 192 g
  • Ananta (Shveta Sariva) अनंत Hemidesmus indicus Rt. 192 g
  • Padmaka पदमाख Prunus cerasoides St. 192 g
  • Bala (Hrivera) बला Coleus vettiveroides Rt. 192 g
  • Patha पाठा Cissampelos pareira Rt. 192 g
  • Dhatri (Amalaki) आवंला Emblica officinalis P. 192 g
  • Guducika (Guduci) गिलोय Tinospora cordifolia St. 192 g
  • Ushira उशीर Vetiveria zizanioides Rt. 192 g
  • Shveta Candana सफ़ेद चन्दन Santalum album Ht. Wd. 192 g
  • Rakta Candana रक्त चन्दन Pterocarpus santalinus Ht. Wd. 192 g
  • Yamani (Yavani) अजवाइन Trachyspermum ammi Fr. 192 g
  • Katurohini (Katuka) कुटकी Picrorhiza kurroa Rz. 192 g
  • Patra (Tejapatra) तेजपत्ता Cinnamomum tamala Lf. 192 g
  • Sukshmaila छोटी इलाइची Elettaria cardamomum Sd. 192 g
  • Kushtha कूठ Saussurea lappa Rt. 192 g
  • Svarnapatri सनाय Cassia angustifolia Lf. 192 g
  • Haritaki हरढ़ Terminalia chebula P. 192 g
  • Jala पानी Water 24.576 l
  • Guda गुड़ Jaggery 14.4 kg
  • Dhataki धातकी Woodfordia fruticosa Fl. 480 g
  • Draksha द्राक्षा Vitis vinifera Dr. Fr. 2.8 kg

Lf. =Leaf; P. =Pericarp; Rt. =Root; Fr. =Fruit; Rz. =Rhizome; St. =Stem; Fl. Bd. =Flower Bud.

सारिवाद्यासव के औषधीय गुण

यदि हम इस दवा कि तासीर की बात करें तो हम आपको बता दे कि यह औषधि तासीर में ठंडी होती है ।
यह पित्र दोष को कम करती है तथा बात एवं कफ दोष को संतुलित रखती है ।
यह मूत्रल है अर्थात इसका सेवन करने से मूत्र अधिक आता है । पेशाब साफ करने वाली । किडनी को सही करने वाली औषधि । विषैले पदार्थों को दूर करने वाली । एंटी गाउट अर्थात गठिया बाय को दूर करने वाली । ब्लड प्यूरीफायर अर्थात रक्त को साफ करने वाली ।

सारिवाद्यासव के फायदे Sarivadyasava ke fayde

इस औषधि का सबसे प्रमुख कार्य रक्त शोधन करना है, जिस कारण यह दवा त्वचा रोगों जैसे दाद, खाज, खुजली, एग्जिमा आदि में प्रमुख औषधि के रूप में प्रयोग की जाती है । यह औषधि मूत्र संस्थान के संक्रमण को दूर करती है तथा बार बार पेशाब का आना एवं पेशाब के पीलेपन को दूर करती हैं । यह गुर्दे अर्थात किडनी को सुरक्षा प्रदान करती है । यह 20 प्रकार के प्रमेह रोगों की एकमात्र औषधि है । यह बहुत ही अच्छी ब्लड प्यूरीफायर है तथा यह रक्त में से यूरिया एवं यूरिक एसिड को निकाल देती है, जिससे यह गठिया बाई में भी बहुत अच्छा फायदा करती हैं । यह पाचन संस्थान पर सकारात्मक प्रभाव डालती है । यह नया रक्त बनाती है एवं रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाती है ।

सेवन विधि एवं मात्रा

औषधीय मात्रा (Dosage)

बच्चे(5 वर्ष की आयु से ऊपर) 5 से 10 मिलीलीटर
वयस्क 10 से 20 मिलीलीटर

सेवन विधि (Directions)

दवा लेने का उचित समय (कब लें?) खाना खाने के बाद लें
दिन में कितनी बार लें? 2 बार – सुबह और शाम
अनुपान (किस के साथ लें?) गुनगुने पानी के साथ
उपचार की अवधि (कितने समय तक लें) चिकित्सक की सलाह लें

सावधानियां Saavdhaniyan

सामान्यतः इस औषधि का कोई दुष्प्रभाव नहीं है लेकिन हम आपको सलाह देते हैं कि आप इस औषधि का सेवन अपने डॉक्टर की सलाह लेकर ही करें । गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इस दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही करना चाहिए ।

कहाँ से खरीदें

आप इस दवा को सभी फार्मेसी दुकानों पर या ऑनलाइन खरीद सकते हैं।

This medicine is manufactured by Dabur, Shree Baidyanath Ayurved Bhawan Sariwadyasava, Sandu, Vaidyaratnam Oushadhasala Saribadyasavam, Kottakkal Saribadyasavam, Arya Vaidya Sala Saribadyasavam, Kerala Ayurveda Saribadyasavam and some other pharmacies.

 
 


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